Thursday, December 25, 2008

..कौन किस पर भारी?

एक ओर मुंबई हमलों के बाद से बना दहशत का माहौल..पाकिस्तान को युद्ध की ओर घसीटने पर आमादा पाकिस्तानी सेना, आईएसआई, आतंकवादी संगठन और इन सबसे खड़ा हो रहा युद्ध का हौव्वा..दूसरी ओर, दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी की मार झेलते हुए साठ रुपये किलो दाल और चालीस रुपये किलो सब्ज़ी खरीदने पर मजबूर आम भारतीय..लेकिन, इन दोनों के बीच एक ऐसी दहाड़, जिसे सुनने के लिए लोग बेताब हुए जा रहे हैं। जी हां..इस माहौल में आई आमिर ख़ान की गजनी ने आते ही ग़जब ढा दिया है। एक तो फिल्म ने पेड प्रीमियर के नाम पर कमाई की, फिर एक दिन पहले ही रीलीज़ होकर बॉक्स ऑफिस पर कब्ज़ा जमाया और अब हालत ये है कि अगले पांच दिन तक एडवांस बुकिंग भी फुल है। वाकई भारत में क्रिकेट और अच्छी फिल्म का जबर्दस्त क्रेज है। मल्टीप्लेक्सों में सत्तर रुपये से लेकर डेढ़ सौ रुपये तक में टिकट मिलते हैं,लेकिन यहां भी मार पड़ रही है। वैसे अब फिल्म के हिट..सुपरहिट होने का फॉर्मूला भी बदल गया है। पहले प्लेटिनम, गोल्डन या सिल्वर जुबली के जरिये पैमाना तय होता था अब प्रिंट्स की तादाद और हफ्तेवार कलेक्शन से इसका पता चलता है। हाल के दिनों में किसी फिल्म ने ओपनिंग के दिन 90 फीसदी कलेक्शन नहीं किया था, जिसे आमिर ने गजनी बनकर दिखा दिया। तो अब बताइए दहशत, मंदी और गजनी में कौन किसपर भारी है?
आपका
परम

1 comment:

संगीता पुरी said...

ये है हमारा महान भारत !!!!